कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में दस्तावेजों की कूटरचना कर 30 लाख रुपये से अधिक का फर्जी ऋण लेने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित पक्ष में दहशत का माहौल बना हुआ है।प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहजहांपुर निवासी शमीम ने आरोप लगाया कि उनका संयुक्त परिवार है और पटेलनगर महानगर क्षेत्र में स्थित पारिवारिक भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। इसी विवाद का फायदा उठाते हुए आरोपियों ने परिवार के सदस्यों की जानकारी और सहमति के बिना कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लिए।शिकायत में बताया गया है कि सेराज अहमद व मेराज अहमद ने अपने साथियों खुर्शीद अहमद और मो. रफी के साथ मिलकर शमीम के भाइयों व महिलाओं के फर्जी हस्ताक्षर कर जमीन के दस्तावेज तैयार किए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर 30 लाख 85 हजार रुपये का ऋण उठा लिया।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस मामले की शिकायत पहले कोतवाली अकबरपुर और पुलिस अधीक्षक से की गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर पीड़ित को न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
मामले में कोर्ट के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने सेराज अहमद, मेराज अहमद, समैया इरफाना, खुर्शीद अहमद और रफी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी व अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है।
इस संबंध में कोतवाली प्रभारी श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अब तक गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार भय और असुरक्षा की स्थिति में है, और उन्होंने शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे ऋण उठाने और कार्रवाई में देरी का यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।