देवल संवाददाता, लखनऊ।केंद्रीय बजट प्रस्तुत होने के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भाजपाई बजट आते ही शेयर बाजार धड़ाम हो गया। सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि सवाल ये नहीं है कि शेयर बाज़ार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा।
- जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी।
- हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 (एक बंटे बीस) का बजट मानते हैं क्योंकि वो 5% लोगों के लिए होता है।
- भाजपा का बजट, अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का बजट होता है।
- भाजपा का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता-बही होता है।
- इस बजट में न आम जनता का ज़िक्र है न फ़िक्र।
- महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को टैक्स में छूट न देना, ‘टैक्स-शोषण’ है।
- अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं लेकिन बेकारी-बेरोज़गारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है।
निराशाजनक, निंदनीय बजट!
वित्त मंत्री ने पेश किया बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वर्ष 2014–15 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर 2025–26 में ₹11.2 लाख करोड़ के आवंटन तक पहुंच गया है। वर्ष 2026–27 में इस गति को बनाए रखने के लिए मैं इसे बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखती हूं। अवसंरचना विकास और निर्माण चरण के दौरान जोखिमों को लेकर निजी डेवलपर्स का विश्वास मजबूत करने के लिए, मैं एक इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं, जो ऋणदाताओं को आंशिक क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगा। वहीं 2026-27 में ऋण-से-जीडीपी औसत, जीडीपी का 55.6% रहने का अनुमान है। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 56.1% था। जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहेगा राजकोषीय घाटा, बजट 2026-27 का अनुमान। यह वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4% था 2026-27 में 36.5 लाख करोड़ गैर-ऋण प्राप्तियों का बजट में अनुमान है।
किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए बजट में क्या?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए बजट में क्या-क्या योजनाएं हैं।
छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा लाने पर जोर। तमाम मौकों के जरिए दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर फोकस।
मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।
स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे।
पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे।
पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी।
भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा।
भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा।
अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा।
एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी।