देवल, ब्यूरो चीफ,डाला, सोनभद्र। डाला बाजार स्थित शहीदों का स्थल इन दिनों अपने हाल पर आंसू बहा रहा है। जिन शहीदों के बलिदान से डाला की पहचान बनी, आज उन्हीं शहीदों की स्मृति स्थल गंदगी, उपेक्षा और प्रशासनिक लापरवाही का शिकार हो गई है।
नगर पंचायत डाला में कहने को सफाई कर्मियों की संख्या पर्याप्त है। नगर क्षेत्र की सफाई भी होती है, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से शहीद स्थल की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। सफाई कर्मी सड़क और शहीद स्थल के बाहर तो झाडू लगाते हैं, परंतु अंदर सफाई करने में आखिर क्या बाधा है ?, यह सवाल अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि विकास के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभा रहे हैं। शहीद स्थल के सौंदर्गीकरण की बात तो दूर, शिकायतों के बाद नगरपंचायत द्वारा लगाए गए पौधे भी सूख चुके हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि शहीदों की स्मृति स्थल से नगर पंचायत के जिम्मेदारों ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। जनता पूछ रही है कि क्या शहीदों की स्मृति केवल भाषणों और कार्यक्रमों तक सीमित रह गई है, यदि यही स्थिति रही तो आने वाली पीढ़ियों के सामने शहीदों के सम्मान की बात करना भी खोखला साबित होगा। अब सवाल यह है कि नगर पंचायत प्रशासन कब जागेगा और शहीदों के सम्मान की रक्षा करेगा, या फिर शहीद स्थल यूं ही गंदगी और उपेक्षा का प्रतीक बनकर रह जाएगा। उधर डाला बाजार स्थित शहीदों परिसर में लगे गंदगी के अंबार के बावत अधिशासी अधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि देखवाते हैं। यदि शहीद स्थल परिसर में गंदगी का अंबार लगा पड़ा है तो उसकी साफ-सफाई करायी जाएगी।
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