देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जिलाधिकारी बीएन सिंह व मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने मंगलवार को कम्पोजिट विद्यालय करवनियां का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने कक्ष में जाकर छात्र-छात्राओं से वार्ता कर विषयवार बनाये गये कापियों को देखा और किताब पढवाकर बौद्धिक स्तर का परीक्षण किया। जिलाधिकारी ने छात्र-छात्राओं से वार्ता कर विद्यालय द्वारा उपलब्ध करायी जा रही निःशुल्क किताब, ड्रेस, जूता, मोजा तथा आदि सामग्री के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त किया। इसी प्रकार से जिलाधिकारी ने बच्चों के उपस्थिति रजिस्टर को देखा, तो यह तथ्य सामने आया कि पंजीकृत बच्चों की संख्या कुल 138 है और मौके पर 67 बच्चें उपस्थित है, जिस पर उन्होंने छात्र-छात्राओं की उपस्थिति शत-प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश संबंधित अध्यापकों को दिया। जिलाधिकारी ने अध्ययनरत्न
छात्र-छात्राओं के बौद्धिक स्तर के परीक्षण के उपरान्त मौके पर उपस्थित प्रभारी अध्यापक व अध्यापकों को छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देना ही अध्यापक का परम कर्तव्य होता है। इसलिए अध्यापक को चाहिए कि पूरे मनोबल के साथ विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने का प्रयास करें। जिससे कि ये छात्र-छात्राएं आगे की उच्च शिक्षा के लिए अपने को बेहतर तरीके से तैयार रख सकें और अपने शिक्षण कार्य को अच्छी से तरह से निखारने में सक्षम बन सकें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय परीसर को साफ-सफाई व रंगाई-पोताई के कार्य को भी देखा, विद्यालय के रंगाई पोताई कार्य में शिथिलता बरतने पर जिलाधिकारी ने प्रभारी अध्यापक को नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय के रंगाई-पोताई का कार्य शीघ्र पूर्ण किया जाए। इस दौरान उन्होनें खण्ड शिक्षा अधिकारी चतरा को निर्देशित करते हुए कहा कि चतरा ब्लाक के अन्तर्गत सभी प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालय में नवम्बर माह तक अनिवार्य रूप में रंगाई पोताई का कार्य किया जाना सुनिश्चित किया जाएं, इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता और लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
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