देवल संवाददाता, आजमगढ़। जनपद आजमगढ़ में थाना कंधरापुर पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित पशु वध एवं तस्करी करने वाला कुख्यात अंतरजनपदीय अपराधी परवेज पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। रविवार तड़के करीब सुबह के समय थाना कंधरापुर क्षेत्र के सेहदा टोल प्लाजा के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक ट्रक और उसके पीछे कवरिंग करती डस्टर गाड़ी को रुकने का इशारा किया। डस्टर में सवार बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की जिसमें मुख्य आरोपी परवेज को कमर में गोली लगी। वह घायल अवस्था में मौके पर ही धर लिया गया। पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली तो उसमें 18 जीवित गोवंश भरे हुए मिले जो सुल्तानपुर क्षेत्र से बिहार वध के लिए ले जाए जा रहे थे। मौके से एक लग्जरी डस्टर वाहन, एक अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस भी बरामद किया गया। घायल आरोपी की शिनाख्त परवेज पुत्र मुनीर अहमद, निवासी ग्राम पटैला, थाना खुटहन, जनपद जौनपुर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ जनपद जौनपुर, मिजार्पुर व अन्य जिलों में गोवंश तस्करी व वध के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पूछताछ में परवेज ने कबूला कि वह अपने साथियों अनीश, रईस और जलालुद्दीन के साथ मिलकर लगातार गोवंश को बिहार सप्लाई कर रहा था। फरार तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। घायल परवेज का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है तथा उसके खिलाफ गोवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट व बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह बड़ी सफलता पुलिस को मिली है।
