देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। सोनांचल संघर्ष वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशन लाल यादव ने रविवार को रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के घसिया बस्ती के आदिवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिना अलग राज्य सोनांचल बने सोनांचल का चौमुखी विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सोनांचल के आदिवासियों का कोई पुरसहाल नहीं है। आजादी के बाद से ही आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन शोषणवादी ताकतें लगातार छीन रहीं हैं, इन पर सरकार का कोई अंकुश नहीं है। आज भी सोनांचल के आदिवासियों को पक्का घर और बिजली नहीं मिल सकी। राष्ट्रपति के गजेटियर के मुताबिक जो आदिवासी पच्चीस साल से अपने जल, जंगल और जमीन पर काबिज हैं, उन्हें समुचित विस्थापित किए उनको पूर्ण रूप से बेदखल नहीं किया जा सकता है, लेकिन सोनांचल में वन विभाग इसका अनुपालन नहीं कर रहा है न ही सरकार उन्हें उक्त भूमि पर पट्टा देने की पहल कर रहा है। दूसरी तरफ सोनांचल के बेरोजगारों के लिए सोनांचल की निजी कंपनियों में संविदा पर आई नौकरियां भी दलालों और संगठित माफियाओं के इशारे पर बाहरी लोगों को नौकरियां बेच दी गई, जिला प्रशासन मूक दर्शक की भूमिका निभाता रहा, भर्ती प्रक्रिया की एक गाइड लाइन तक जिला प्रशासन नहीं बनवा पाया इससे बड़ा शर्मनाक विषय क्या हो सकता है। बदले में विस्थापित बेरोजगार जो अपने हक की बात कर रहे उनके ऊपर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज कर उत्पीड़न किया जा रहा है। आज सोनांचल के गांवों की सड़कें इतने जर्जर हालात में हैं। सोनांचल का विकास दर आज शून्य पर पहुंच चुका है। जनप्रतिनिधि अपने अपने विकास का डंका पीट रहे हैं। रोशन लाल यादव ने यह भी कहा कि सोनांचल संघर्ष वाहिनी आने वाले 2027 के विधान सभा चुनाव में अपने दम पर अलग राज्य सोनांचल बनाने के मुद्दे पर सोनांचल की सभी सीटों पर जोरदार तरीके से लड़ेगी, गठबंधन के भी दरवाजे खुले रहेंगे। सोनांचल अलग राज्य बने इसके लिए जल्द सोनाचल संघर्ष वाहिनी सोनांचल में सोनांचल व्यापी जन आंदोलन करेगी।