देवल संवाददाता, मऊ। प्रधानाचार्य आईटीआई अरुण यादव ने बताया कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), मऊ में विश्व युवा कौशल दिवस उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल से सशक्त बनाकर उन्हें रोजगार, स्वरोजगार तथा उद्यमिता के लिए सक्षम बनाना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधि ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। उन्होंने युवाओं से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा एवं कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रशिक्षण एवं रोजगार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही विभिन्न ट्रेडों के विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में युवाओं को पीएम इंटर्नशिप योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना,पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) तथा अन्य स्वरोजगार एवं कौशल विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने इन योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों ने युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण,उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास तथा आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि तकनीकी दक्षता ही युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस अवसर पर आईटीआई के अधिकारी,प्रशिक्षकगण, प्रशिक्षार्थी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन युवाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प दिलाकर किया गया।कार्यक्रम के दौरान अखिलेश कुमार,एच रहमान, रमेश यादव,अभिषेक शर्मा,गोपाल दुबे, गंगेश्वर वर्मा,शशिबाला,अनिता कुशवाहा,पल्लवी महाजन,उपेंद्र सत्येंद्र सिंह इत्यादि लोगों उपस्थित रहे।
