आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जनपद में गणित-विज्ञान के 29334 सहायक अध्यापक पदों पर लंबे समय से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को आखिरकार दस वर्षों के कानूनी संघर्ष के बाद नियुक्ति पत्र मिल गया। सोमवार देर शाम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ० गोरखनाथ पटेल ने अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
बताया जाता है कि ये अभ्यर्थी वर्ष 2014 में प्रदेश के विभिन्न जिलों में काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी कर चुके थे, लेकिन किसी कारणवश उन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं हो सका था। नियुक्ति न मिलने पर अभ्यर्थियों ने न्यायालय की शरण ली और वर्ष 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट में पहली याचिका दाखिल की गई। वर्ष 2017 में न्यायालय ने अभ्यर्थियों के पक्ष में आदेश पारित किया, लेकिन सरकार द्वारा आदेश को लागू न किए जाने पर वर्ष 2018 में अवमानना याचिका दायर की गई।
इसके बाद सरकार इस मामले को लेकर डिवीजन बेंच में पहुंची, जहां उसकी याचिका खारिज कर दी गई और सिंगल बेंच का पूर्व आदेश यथावत रखा गया। मामले में राहत पाने के लिए सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां से भी अभ्यर्थियों को लाभ देते हुए नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया।
जनपद जौनपुर में कुल 18 अभ्यर्थियों को मूल अभिलेखों के सत्यापन के लिए बुलाया गया था। सभी दस्तावेजों की जांच-पड़ताल पूरी होने के बाद सोमवार को पात्र पाए गए अभ्यर्थियों को औपचारिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिए गए।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में विज्ञापित इन पदों के लिए अधिकांश अभ्यर्थियों को वर्ष 2015 में ही नियुक्ति मिल गई थी, लेकिन कुछ अभ्यर्थियों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। नियुक्ति पत्र मिलने पर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
स अवसर पर कुंवर विक्रम सिंह, अमित मिश्रा, प्रदीप यादव, भूपेश त्रिपाठी, शैलेश गुप्ता सहित अन्य अभ्यर्थियों ने न्यायालय के फैसले और प्रशासनिक पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपनी प्रसन्नता जाहिर की।
