सिकन्दरपुर, बलिया। 5 दिन पहले पंदह अस्पताल में नर्स द्वारा कैथवलिया गांव निवासी प्रसूता की मऊ में इलाज के दौरान हुई मौत के बाद मंगलवार को परिजनों ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंदह पर पहुंच कर जमकर बवाल काटा,तथा नर्स रेनू राय के खिलाफ कार्यवाही की मांग। मृतिका के पिता ने उक्त नर्स के खिलाफ सिकन्दरपुर थाने पर तहरीर देकर उचित कार्यवाही करने की मांग की है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि विगत 7 फरवरी को 11 बजे रात्रि को रेखा 25 वर्ष पत्नी योगेंद्र प्रसाद को प्रसव पीड़ा हुई जिस पर तत्काल उसे निजी साधन से पीएचसी पंदह, ले जाया गया जहां पर नर्स द्वारा ₹10000 की मांग की गई नर्स ने बताया कि अस्पताल में सरकारी दवा उपलब्ध नहीं है मैं खरीद कर रखी हूं, जिस पर परिजनों द्वारा तत्काल ₹7000 नगद उसे दे दिया गया, इस दौरान 3:00 रात्रि को दाई भी आ गई, तथा 5:00 बजे प्रसूता को नॉर्मल डिलीवरी हुआ, परंतु उसका ब्लड नहीं रख रहा था, जिस पर नर्स द्वारा कपड़ा लगाकर उसे रोका गया परंतु ब्लड निकलता रहा, सुबह 10:00 बजे जब डॉक्टर आए तो उन्होंने बीपी चेक किया, तथा दोपहर को 3:00 के आसपास उसे रेफर कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि 3000 बकाया के लिए नर्स द्वारा परसुता को रेफर करने में देरी की गई, देरी से बलिया पहुंचने पर आधे घंटे बाद ही खून जांच कर तुरंत वहां से भी रेफर कर दिया गया, वही मऊ जिले के फातिमा अस्पताल में, उसे इलाज हेतु परिजनों द्वारा ले जाया गया, जहां पर एक दिन बाद 9 फरवरी को उसकी मौत हो गई। परिजनों ने शासन प्रशासन से उक्त नर्स व अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।
इस संबंध में थाना अध्यक्ष सिकंदरपुर ने बताया है कि मृतका के पिता द्वारा तहरीर दी गई है 5 दिन पहले हुई है अगर इस समय बताया गया होता है तो शव का पोस्टमार्टम कराया गया होता है, प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित विभाग से सामान्य स्थापित कर जांच टीम बनाकर मामले की जांच की जाएगी दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इनसेट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पन्दह के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डाक्टर मंजीत आनंद ने बताया की हमे लिखित में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुआ है, हमे इस घटना की जानकारी प्राप्त हुई है,जिसकी उच्च स्तरीय जांच की जाएगी,अगर कोई भी दोसी पाया जाता है, उसे दंडित किया जाएगा।