देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) एवं भाकपा (माले) के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वामदलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने बुलडोजर कार्रवाई, राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर कथित फर्जी मुकदमे, जन आंदोलनों से पहले नेताओं को नजरबंद करने, धरना-प्रदर्शन की अनुमति में बाधाएं तथा केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग जैसे मुद्दे उठाए । वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए देशव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है। ज्ञापन में नेताओं ने जन आंदोलनों से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट या हिरासत में लेने पर रोक लगाने, धरना-प्रदर्शन की अनुमति सुनिश्चित करने, विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर रोक लगाने, गैरकानूनी बुलडोजर कार्रवाई एवं फर्जी मुठभेड़ों पर रोक लगाने, गिरफ्तार मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की रिहाई तथा दलित, महिला और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के मामलों में प्रभावी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान वामदलों ने सोनभद्र कलेक्ट्रेट परिसर में निर्धारित धरनास्थल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि वर्तमान धरनास्थल पर शेड, पेयजल, शौचालय और अधिकारियों की उपलब्धता जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने मांग की कि कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी उद्यान को धरना-प्रदर्शन के लिए अधिक उपयुक्त स्थान के रूप में निर्धारित किया जाए। प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव आर. के. शर्मा, माकपा जिला सचिव नंद लाल आर्य, भाकपा (माले) जिला सचिव सुरेश कोल, बसावन गुप्ता, चंदन प्रसाद, मोहम्मद कलीम, प्रेमनाथ, नागेंद्र प्रसाद, महेंद्र सिंह, राजबली, हनुमान प्रसाद, नंदलाल यादव, ईश्वर दयाल, श्याम नारायण सिंह, गीता देवी, परमेश्वरी देवी सहित बड़ी संख्या में वामपंथी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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