आमिर, देवल ब्यूरो ,रामपुर ।जौनपुर दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय के इस फैसले को दहेज प्रथा के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मामला थाना रामपुर क्षेत्र में वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 23/2020 से संबंधित है। इस प्रकरण में अभियुक्त दिनेश पटेल पुत्र बृजलाल पटेल, निवासी भिऊरा, थाना रामपुर, जनपद जौनपुर के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता), धारा 304बी (दहेज मृत्यु) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय द्वितीय, जौनपुर में चल रही थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को सिद्ध करने में सफल रहा है।
न्यायालय ने अपने फैसले में अभियुक्त दिनेश पटेल को धारा 498ए एवं 304बी भारतीय दंड संहिता तथा धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दोषसिद्ध करते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं 55 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अभियुक्त निर्धारित अर्थदंड जमा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त आठ माह का कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय के इस निर्णय को दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या जैसे गंभीर अपराधों के विरुद्ध सख्त संदेश माना जा रहा है। वहीं, फैसले के बाद न्यायालय परिसर में मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा।
