देवल संवाददाता, आजमगढ़, गुरुवार। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए कुलपति का पुतला फूंकने का प्रयास किया और विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और व्यवस्था में सुधार की मांग की। पुलिस ने पुतला छीन लिया। इस दौरान कुछ देर तक छीना झपटी भी हुई।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता अविनाश सिंह Bunty ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को स्थापित हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए हैं, लेकिन यहां भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। उनका कहना था कि “यहां हर काम के लिए पैसे की मांग की जाती है—छोटे कार्यों के लिए ₹100 से लेकर बड़े कार्यों के लिए हजारों-लाखों रुपये तक का लेन-देन हो रहा है।”
छात्र नेता ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित है। “कभी समय से कक्षाएं नहीं चलतीं, न ही परीक्षा का कोई तय शेड्यूल है। जब मन होता है तब पढ़ाई होती है और जब मन होता है तब परीक्षा करा दी जाती है। कई बार एक ही साल में दो-दो बार परीक्षा कराई जाती है, जिससे छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है,” उन्होंने कहा।
प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में रजिस्ट्रार कार्यालय से जुड़े एक कर्मचारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने के मामले का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि “₹50,000 लेते हुए पकड़ा गया बाबू इस बात का उदाहरण है कि विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार किस स्तर तक फैला हुआ है।”
छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता लाई जाए, शैक्षणिक कैलेंडर तय किया जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए चौराहे पर यातायात भी प्रभावित रहा।
प्रदर्शन के अंत में छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
