कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने जनपदवासियों से सड़क सुरक्षा नियमों का शत-प्रतिशत पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह स्वयं सुरक्षित रहे तथा दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा संचालित "शून्य दुर्घटना दिवस" अभियान का उद्देश्य लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा दुर्घटना मुक्त समाज की स्थापना करना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का पालन करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। शराब अथवा नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें तथा सभी यातायात संकेतों एवं नियमों का पूर्णतः पालन करें।
उन्होंने जनसामान्य से सड़क सुरक्षा का पालन करने एवं अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटना होने पर पीड़ित व्यक्ति की तत्काल सहायता करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
जिलाधिकारी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम, 2019 के अंतर्गत यातायात नियमों के उल्लंघन पर कठोर दंड एवं जुर्माने का प्रावधान है। जिसका उद्देश्य लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना तथा दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
अवगत कराना है कि निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाने पर ₹1000 से ₹5000 तक का जुर्माना, हेलमेट न पहनने पर ₹1000 जुर्माना एवं ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। सीट बेल्ट न लगाने तथा रेड लाइट का उल्लंघन करने पर ₹1000 का जुर्माना, बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने पर ₹5000 का जुर्माना तथा शराब पीकर वाहन चलाने पर ₹10000 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, नाबालिग द्वारा वाहन चलाए जाने की स्थिति में अभिभावक पर ₹25000 का जुर्माना एवं 3 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है।
जिलाधिकारी ने कहा कि "यातायात नियमों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि स्वयं एवं अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य की जिम्मेदारी है। सुरक्षित यातायात संस्कृति को अपनाकर दुर्घटनामुक्त अम्बेडकरनगर के निर्माण में सहभागी बनें।"
