देवल संवाददाता, लखनऊ।उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ जापान दौरे पर हैं। बुधवार को दौरे के पहले दिन वह टोक्यो पहुंचे। वहां पर तिलक लगाकर उनका स्वागत किया गया। पहले दिन उन्होंने वैश्विक ट्रेडिंग और निवेश कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लि. (Mitsui & Co.) के प्रबंधन से मुलाकात की। उन्हें उत्तर प्रदेश में निवेश के अवसरों को तलाशने के लिए आमंत्रित किया।
चार उभरते सेक्टर पर रणनीतिक फोकस
इस दौरान सीएम ने विशेष रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा के तहत सोलर, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं शामिल हैं।
वहीं दूसरी ओर आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) के तहत आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सर्विसेज और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश पर चर्चा हुई। तीसरा सेक्टर सेमीकंडक्टर रहा। इसमें चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन का विस्तार प्रमुख रहे। वहीं चौथा सेक्टर डेटा सेंटर रहा। इसमें हाइपर-स्केल डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी हब जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर गहन विमर्श हुआ।
भारत-जापान औद्योगिक संबंधों को नई गति
सीएम ने मित्सुई प्रबंधन को दीर्घकालिक साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। कहा कि यूपी भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यूपी देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के साथ-साथ उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स के कारण निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
उन्होंने राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया के बारे में भी चर्चा के दौरान बताया। भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख वातावरण उपलब्ध कराता है।
इन लोगों के साथ भी हुई बैठक
इसके अलावा सीएम ने शीगेकी तानाबे, सीनियर मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजर (सेल्स मैनेजमेंट डिवीजन/डोमेस्टिक बिजनेस प्रभारी), कोनोइके ट्रांसपोर्ट को. लिमिटेड के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की। यूपी में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत हुई।
सीएम ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का भौगोलिक व औद्योगिक परिदृश्य अब निवेशकों के लिए असाधारण अवसर प्रस्तुत कर रहा है। राज्य सीधे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क से जुड़ा है। इससे माल ढुलाई की गति तेज और लागत प्रतिस्पर्धी बनती है। यह सुविधा निर्यातोन्मुख उद्योगों और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़े निवेशकों के लिए बड़ा अवसर प्रदान करती है।
यीडा में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क का उल्लेख
यही नहीं, उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क का विशेष उल्लेख भी किया। कहा कि यह परियोजना जापानी कंपनियों के लिए अत्यंत अनुकूल इकोसिस्टम उपलब्ध कराती है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, नीतिगत समर्थन और सिंगल-विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था के कारण यह क्षेत्र हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग के लिए आदर्श गंतव्य बन रहा है।
उन्होंने भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को न केवल भूमि और बुनियादी ढांचा देता है, बल्कि स्थिर नीति, कुशल मानव संसाधन और तेजी से निर्णय लेने वाली सरकार भी उपलब्ध कराता है।